कुफ़्फ़ार आपकी नमाज़ से खुश नही |


कुफ़्फ़ार आपकी नमाज़ से खुश नही हैं
कुफ़्फ़ार आपकी नमाज़ से खुश नही हैं
 



कुफ़्फ़ार आपकी नमाज़ से खुश नही हैं


तफ़सीरे नमूना में सूरए मायदा की 58 वी आयत के तहत लिखा गया है कि तमाम यहूदी और कुछ ईसाइ जब अज़ान की आवाज़ सुनते थे या मुसलमानों को नमाज़ मे खड़ा देखते थे तो उनका मज़ाक़ उड़ाते थे। इसी लिए क़ुरआन ने उनके साथ दोस्ती से मना किया है।